कर्णप्रयाग। डिम्मर गांव में शताब्दी वर्ष पर आयोजित रामलीला मंचन के छठवें दिन सूपर्नखा के नाक काटने और सीता हरण का मंचन किया गया। रविवार रात को बारिश के बाद भी सैकड़ों श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंचे।
रविवार रात को आयोजित रामलीला मंचन में रावण की बहन सूपर्नखा पंचवटी में आकर राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम उसको समझाते हैं, लेकिन सूपर्नखा नहीं मानती। तब लक्ष्मण सूपर्नखा के नाक और कान काट देते हैं। सूपर्नखा रोती हुई खर-दूषण से पास जाती है और पूरा वृत्तांत सुनाती है। खर-दूषण राम से युद्ध करते हुए मारे जाते हैं। तब रावण समझ जाता है कि श्री हरि विष्णु उसके संहार के लिए मानव रूप में अवतरित हो चुके हैं। रावण सीता हरण की योजना बनाता है। मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी में जाता है और रावण साधु का वेश बनाकर छल से सीता का हरण कर लेता है। श्री राम का अभिनय अमित खंडूड़ी, लक्ष्मण प्रवीन डिमरी, सीता प्रफुल्ल डिमरी, रावण आशुतोष डिमरी और सूपर्नखा का हेमचंद्र डिमरी ने किया।