जोशीमठ। पैनखंडा क्षेत्र को पिछड़ा क्षेत्र में शामिल करने के लिए चले सौ दिन के आंदोलन को पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने लिपिबद्ध कर ‘संघर्ष के सौ दिन पुस्तक’ के रूप में सहेजा है। रविवार को ब्लॉक सभागार में पूर्व राज्य मंत्री ठाकुर सिंह राणा, बीकेटीसी के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी जगदंबा प्रसाद सती और बदरीनाथ धाम के वेदपाठी आचार्य कुशलानंद बहुगुणा ने पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने लिपिबद्ध की है।
पुस्तक में पैनखंडा क्षेत्र को ओबीसी में शामिल करने के आंदोलन के साथ ही पैनखंडा का इतिहास और भौगोलिक जानकारी का समावेश भी किया गया है। किताब में क्षेत्र की सामरिक समझ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरिश चंदोला ने पुस्तक की भूमिका बांधने का काम किया है, जबकि संपादन पत्रकार व लेखक डा. बृजेश सती ने किया है। पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने कहा कि क्षेत्रीय जनता के संघर्ष को किताब के माध्यम से सहेजने का प्रयास किया गया है। इस मौके पर पैनखंडा संघर्ष समिति के संरक्षक भरत सिंह कुंवर, व्यापार मंडल अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, सांसद प्रतिनिधि राकेश भंडारी, भगवती प्रसाद नंबूरी, अमित सती, ओम प्रकाश डोभाल, बलवीर रावत, अजीतपाल रावत, कुशल कम्दी, सुखदेव सिंह और मनमोहन सिंह आदि मौजूद थे।