कर्णप्रयाग। डिम्मर गांव में आयोजित शताब्दी (100वीं) रामलीला की धूम मची है। भव्य रूप से आयोजित रामलीला को देखने के लिए भारी संख्या में दर्शकों की भीड़ जुट रही है। रामलीला में ध्याणियां भगवान राम की पूजा कर सुख समृद्धि की कामना कर रही हैं। रामलीला में दूसरे दिन ताड़का वध का मंचन किया गया।
मंगलवार से शुरू हुई रामलीला में बुधवार रात को ताड़का वध का मंचन किया। गुरु विश्वामित्र तपस्वी साधुओं की रक्षा के लिए दशरथ से राम और लक्ष्मण को साथ में भेजने को कहते हैं। इसके बाद राम और लक्ष्मण ताड़का सहित कई राक्षसों का संहार करते हैं। साथ ही दूसरी ओर मिथिला में जनक नंदिनी सीता की ओर से गौरी पूजन का मंचन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने रामलीला के 100वें आयोजन तक पहुंचने तक के सफर की लोगों और युवा पीढ़ी को जानकारी दी गई। कहा गया कि इस धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के प्रयास निरंतर किए जाने चाहिए। रामलीला के 100वें आयोजन के लिए गांव पहुंची ध्याणियों ने भगवान राम की पूजा की। रामलीला में राम का अभिनय अमित खंडूड़ी, लक्ष्मण का प्रदीप डिमरी, सीता का प्रफुल्ल, दशरथ का शैलेंद्र प्रसाद, जनक का सत्य प्रसाद, ताड़का का प्रदीप डिमरी ने किया। इस मौके पर नाकोट, डिम्मर, भराड़ीसैंण, सिमली, मज्याड़ी, राड़खी, डांडा और कर्णप्रयाग आदि गांवों के लोग मौजूद थे।