फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव में पहुंची गाड़ी, खुशी से झूमे ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कर्णप्रयाग। गैरसैंण ब्लाक के चौरासैंण सहित आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों का संघर्ष रंग लाया तो गांव तक सड़क पहुंच ही गई। इससे उत्साहित ग्रामीण खुशी से झूम उठे। यही नहीं गांव में आयोजित सगाई समारोह में पहली बार गाड़ी से जाने पर लोगों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा तो समारोह भी हमेशा के लिए यादगार बन गया। सड़क बनने से 5 गांवों के करीब 135 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

गैरसैंण और कर्णप्रयाग ब्लाक की सीमा पर बसे चौरासैंण, भटक्वाली, लुतुडुग्वाड़, बेढुंगा, खोलीडीप आदि गांवों के ग्रामीण 35 सालों से सड़क की मांग कर रहे थे, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिल रहे थे। नौटी-देवलकोट रोड से करीब 6 किमी घने जंगल के बीच से पैदल आवाजाही करने वाले ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों ने भी कई बार सड़क के लिए आंदोलन किया, लेकिन जब सड़क नहीं मिली तो ग्रामीणों ने अक्तूबर 2015 में खुद ही सड़क बनाने का जिम्मा उठाया। अक्तूबर 2015 में अमर उजाला ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। तब ग्रामीणों की ओर से एक किमी सड़क बनाने के बाद प्रशासन की कार्रवाई ने तेजी पकड़ी और वर्ष 2016 में वन अधिनियम स्वीकृति, वर्ष 2017 में वित्तीय स्वीकृति के बाद वर्ष दिसंबर 2017 में निर्माण कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने बताया कि चौरासैंण तक सड़क पहुंच गई है। साथ ही गांव में आयोजित 18 फरवरी को चंद्रवीर की सगाई के दिन पहली बार गाड़ी से गए। 24 फरवरी को एक अन्य युवक की शादी में वाहनों की सुविधा मिली। गांव के सरपंच डीपी नवानी, सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष राम सिंह, प्रधान पुष्पा देवी और लक्ष्मण सिंह ने बताया कि गाड़ी गांव में वाहन पहुंचने पर लोग खुशी से झूम उठे। इधर पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि 4.7 किमी लंबी इस सड़क को करीब 4 किमी तक काट दिया गया है। साथ ही दीवार बंदी और पुश्ता निर्माण का काम जारी है। सड़क के डामरीकरण के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन में भेज दिया गया है। गांव में सड़क पहुंचने पर ग्रामीणों ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें