श्रीनगर। स्वामी सदानंद जी महाराज गंगा दशहरा के दिन (22 जून) से आमरण अनशन करेंगे। स्वामी सदानंद ने विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना, फाटा-ब्यूंग, सिंगोली भटवारी परियोजनाएं बंद करने सहित कई अन्य मांग सरकार से की है। मांग पूरी नहीं किए जाने पर उन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। हालांकि आमरण अनशन किस स्थान पर करेंगे, स्वामी ने यह स्पष्ट नहीं किया है।
मंगलवार को पालिका सभागार में गंगा और अन्य सहायक नदियों बन रहे बांधों से होने वाले नुकसान और दिक्कतों पर गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर स्वामी सदानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में अपने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि मैं गंगा का बेटा हूं और मुझे गंगा ने बुलाया है, लेकिन 4 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी गंगा का पानी पीने लायक नहीं बचा है। इसलिए अब मुझे गंगा दशहरा के दिन 22 जून से मजबूरन आमरण उपवास पर बैठना होगा। गोष्ठी के दौरान स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खुला पत्र भी पढ़ा, जिसमें विष्णुगाड़-पीपलकोटी व सिंगोली भटवारी परियोजना पर सभी निर्माण कार्य शीघ्र बंद किए जाने, गंगा भक्त परिषद गठित किए जाने, गंगा के संरक्षण के लिए संसद में विधेयक पारित किए जाने सहित कई मांगे रखी गई है।
वरिष्ठ स्तंभकार डा. भरत झुनझुनवाला ने श्रीनगर बांध का राष्ट्रीयकरण कर उसे नष्ट किए जाने की बात कही, जिससे यहां के लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके। गोष्ठी में सर्वसम्मति से श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को बंद करने व स्वामी सानंद जी महाराज के आमरण अनशन को पूर्ण रूप से समर्थन देने का प्रस्ताव पारित किया गया। गोष्ठी में समीर रतूड़ी, प्रेमबल्लभ नैथानी, मुकेश चमोली आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन भोपाल सिंह चौधरी ने किया।