देवप्रयाग। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के रघुनाथ कीर्ति परिसर में फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में लघु फिल्में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रविवार को रील लाइफ अकादमी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में निदेशक अखिलेश गुप्ता ने प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण से जुड़ी तकनीकी जानकारियों के साथ ही कलात्मक पहलुओं से भी अवगत करवाया। कहा कि संस्कृत जगत से जुड़े लोगों को संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के लिए एक जुटता से प्रयास करना चाहिए। इस मौके पर कार्यशाला के संयोजक डा. प्रफुल्ल गडपाल ने कहा कि संस्थान नए प्रयोगों से संस्कृत भाषा को लोक प्रिय बनाने के लिए प्रयासरत है। कहा कि फिल्म जैसे सशक्त माध्यम से संस्कृत का प्रचार प्रसार तेजी से किया जा सकता है। डा. मनीष जुगरान ने कहा कि आज के संचार युग में नई तकनीक से संस्कृत भाषा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस मौके पर आयोजित कार्यशाला में संस्थान के छात्र-छात्राओं को संस्कृत में संवाद, लेखन, फिल्मांकन, संपादन व अभिनय आदि की बारीकियों की भी जानकारी दी गई। इस मौके पर कार्यक्रम का संचालन डा. मुकेश कुमार ने किया जबकि डा. शैलेंद्र उनियाल, डा. सुरेश शर्मा, डा. वीरेंद्र बर्थवाल, डा. विजेंद्र बिष्ट, देवेंद्र पोखरियाल, हरीश डंगवाल आदि मौजूद थे।