माणा से घसतोली तक सड़क के डबल लेन का निर्माण शुरू
चीन सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही सुगम करने की है तैयारी
सरस्वती नदी पर स्थायी मोटर पुल का प्रस्ताव केंद्र को भेजा : एसएस मक्कर
प्रमोद सेमवाल
गोपेश्वर।
चीन सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए चमोली में सेना की अंतिम चौकी माणा पास तक डबल लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। सीमा सड़क संगठन ने पहले चरण में माणा से घसतोली तक (30 किलोमीटर) सड़क के डबल लेन का कार्य भी शुरू कर दिया है।
चमोली जिला धार्मिक के साथ ही सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां नीती और माणा दर्रे भारत-तिब्बत (चीन) सीमा को जोड़ते हैं। नीती घाटी में बीआरओ की ओर से सेना की अंतिम चौकी रिमखिम और लपथल तक सड़क मार्ग का निर्माण चल रहा है, जबकि जोशीमठ से मलारी तक डबल लेन का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वहीं, अब बीआरओ माणा से माणा पास (50 किलोमीटर) तक सड़क को डबल लेन बनाने जा रही है। यहां पहले चरण का कार्य भी शुरू हो गया है। बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर ने कहा यदि मौसम ने साथ दिया तो इसी साल घसतोली तक सड़क पर डामरीकरण कर दिया जाएगा। माणा से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर सरस्वती नदी पर बीआरओ की ओर से सेना की आवाजाही के लिए वैली ब्रिज भी लगाया गया है। इस स्थान पर स्थायी मोटर पुल निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि महानिदेशक ने भी सीमा क्षेत्र की सड़कों को डबल लेन करने की बात कही है।