गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के तीसरे दौर का आमरण अनशन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इससे पहले यहां 26 जनवरी से 31 जनवरी तक और 1 फरवरी से 6 फरवरी तक दो दौर का आमरण अनशन हो चुका है।
गैरसैंण राजधानी की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों को पुलिस, प्रशासन ने बुधवार रात को अस्पताल से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया दिया था। उनके बाद नारायणबगड़ के अवतार सिंह, धारापानी के श्रीपालराम और खत्रियाणा के लक्ष्मण खत्री अनशन पर बैठ गए। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकारें प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र का विकास नहीं करना चाहतीं। अनशनकारियों ने मांग कि जल्द गैरसैंण को सत्र नहीं बल्कि राजधानी चाहिए। बृहस्पतिवार को समर्थन देने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धन सिंह, बृजमोहन, गोपाल पंत, सुरेंद्र सिंह, कृपाल सिंह, कृष्णा नेगी, मंजू, कमला पंवार, धूमा देवी, सरोज शाह, बिसली देवी, जीत सिंह, कमलेश आदि शामिल थे।
गैरसैंण आंदोलन को समर्थन देने जाएगा दल
नारायणबगड़। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर गैरसैंण-नारायणबगड़ संघर्ष समिति का एक दल शुक्रवार को गैरसैंण में आंदोलनकारियों को समर्थन देने के लिए कूच करेगा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेशानंद चंदोला ने बताया कि जत्थे में 20 से अधिक आंदोलनकारी शामिल होंगे। उन्होंने गैरसैंण में अनशनकारियों को पुलिस और प्रशासन की ओर से जबरन उठाने की भर्त्सना की। वहीं 6 दिनों तक स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान गैरसैंण में आमरण अनशन करने वाले हरीश पंत के यहां पहुंचने पर लोगों ने उनका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस मौके पर दिनेश नेगी, दीपेंद्र नेगी, जयवीर सिंह बिष्ट, राकेश सजवाण, चंदन ओबराय, मनमोहन सिनवाल और जगदीश पंत आदि मौजूद थे।