ब्यूरो/अमर उजाला
रायवाला।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गौहरी माफी में तटबंध बनाने की मांग को लेकर आंदोलनरत ग्रामीणों को समर्थन दिया है। बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार पर तटबंध निर्माण को लेकर एनजीटी की रोक हटने के बाद भी बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं कराने का आरोप लगाया।
देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गौहरी माफी में तटबंध की मांग को लेकर ग्रामीणों का आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन बुधवार को 42वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आंदोलित ग्रामीणों को समर्थन दिया। पूर्व सीएम हरीश रावत ने प्रदर्शनकारीयों को संबोधित करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में गांव की बाढ़ से सुरक्षा के लिए पांच करोड़ 96 लाख की वित्तीय मंजूरी दी गई थी। जिसके तहत निर्माण कार्य पर एनजीटी की रोक लगने के कारण तटबंध निर्माण पूर्ण नहीं हो सका।
इसके बाद पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल द्वारा एनजीटी से गांव की सुरक्षा के मद्देनजर जनहित याचिका दायर कर रोक हटाने की गुहार लगाई थी, जिस पर न्यायालय ने रोक हटा दी है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार गांव की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। रोक हटने के महीनों बाद भी तटबंध निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
इस दौरान मोर्चा अध्यक्ष संजय पोखरियाल, राजपाल खरोला, शिवा गिरि, भगवती सेमवाल, प्रेमलाल शर्मा, शूरवीर पंवार, राव शहीद, मेहरबान सिंह रावत, नारायण सिंह कैंतुरा, सूरत सिंह आदि मौजूद थे।