तहसील दिवस में दर्ज हुईं 50 शिकायतें
- 18 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण
- एसडीएम ने दिए अधीनस्थों को शेष शिकायतों के निस्तारण के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
तहसील मुख्यालय पर आयोजित तहसील दिवस में कुल 50 शिकायतें दर्ज की गई। 18 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने अधीनस्थों को शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार की सुबह 10 बजे से एसडीएम की अध्यक्षता में शिविर का शुभारंभ हुआ। जिसमें सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी दर्ज की गई। राजस्व विभाग से जुड़ी 20, ब्लॉक से जुड़ी 12 और नगरपालिका से जुड़ी छह शिकायतें दर्ज की गई। सिंचाई, जल संस्थान से जुड़ी तीन-तीन, यूपीसीएल दो और लोनिवि, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग से जुड़ी एक-एक शिकायतें दर्ज की गई। एसडीएम ने पूर्व में आयोजित तहसील दिवस की भी समीक्षा की। जिसमें से ज्यादातर शिकायतों के निस्तारित होने पर उन्होंने अधिकारियों की पीठ थपथपाई। कहा तहसील दिवस का आयोजन आम जनता के लिए किया जाता है। एक ही छत के नीचे लोगों को सभी अधिकारी मिल जाते हैं। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से हर माह आयोजित होने वाले इस शिविर का लाभ उठाने की बात कही।
इस मौके पर तहसीलदार प्रकाश शाह, पेयजल निगम के सहायक अभियंता मुकेश जोशी, बीडीओ एसएस झिंक्वाण, एडीओ अल्पंसख्यक दिनेश पंवार, जिला पर्यटन अधिकारी किशन सिंह रावत, लघु सिंचाई के सहायक अभियंता जेए समी, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, पशु चिकित्सक डॉ. अनूप नौटियाल आदि मौजूद रहे।
औपचारिकता बना तहसील दिवस
चकराता। प्रचार-प्रसार के अभाव में चकराता में आयोजित तहसील दिवस महज औपचारिकता बन कर रह गया। मात्र दो शिकायतें दर्ज हुई। जिसमें से एक का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। दिनभर अधिकारी खाली बैठे फरियादियों का इंतजार करते नजर आए। वहीं फरियादियों के न पहुंचने पर एसडीएम बीके तिवारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने आगे से तहसील दिवस के आयोजन से पूर्व कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। लोगों का कहना है कि तहसील दिवस के आयोजन से पूर्व कार्यक्रम का ठीक ढंग से प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। जिसके चलते फरियादी तहसील दिवस तक नहीं पहुंच पाते। इससे पूर्व भी त्यूनी में आयोजित तहसील दिवस में गिने-चुने ही फरियादी कार्यक्रम तक पहुंच सके।