महाशिवरात्रि पर्व 13 को मनाना उचित
-- वैदिक ब्राह्मण महासभा ने बैठक में की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। वैदिक ब्राह्मण महासभा की बैठक में विभिन्न पंचांगों में महाशिवरात्रि तिथि को लेकर चर्चा की गई। जिसमें महाशिवरात्रि पर्व को लेकर उत्तराखंड के प्रचलित पंचांगों में भिन्नता व इससे पर्व मनाने को लेकर श्रद्धालुओं में बन रही असमंजस की स्थितियों पर विमर्श किया गया। मायाकुंड स्थित दंडीबाड़ा आश्रम में मंगलवार को आयोजित बैठक में महासभा के अध्यक्ष गंगाराम व्यास ने बताया कि सभी पंचांगों में मुख्य त्योहारों, व्रत तिथियों में समानता होनी चाहिए, जिससे समाज में पर्व त्योहार मनाने में भ्रम की स्थिति न बने।
बताया गया कि पंचांगों में विशेष तौर से महाशिवरात्रि पर्व को 13 व 14 फरवरी की तिथियों में दर्शाया गया है। चर्चा के बाद महासभा ने निर्णय लिया कि शास्त्रीय प्रमाणों व निर्णय सिंधु व धर्म सिंधु व मुहूर्त संग्रह आदि स्मृति ग्रंथ के मुताबिक पर्व को 13 फरवरी की तिथि पर मनाया उचित रहेगा। उन्होंने इस बाबत विभिन्न शास्त्रीय प्रमाण भी प्रस्तुत किए। बैठक में मणीराम पैन्यूली, जगमोहन मिश्रा, राकेश लसियाल, हर्षमणी, जितेंद्र भट्ट, जनार्दन कैरवान, सुभाष डोभाल, नरेंद्र सकलानी, जयुना प्रसाद, मुकुंद उपाध्याय आदि मौजूद थे।