बच्चों के साथ अपनी बोली में बात करने का आह्वान
-- भारतीय भाषा उत्थान पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
भारतीय भाषा मंच के तत्वावधान में नगर निगम सभागार में भारतीय भाषा उत्थान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उत्तराखंड की लोक भाषाओं के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए घरों में अपनी बोली को अधिकाधिक उपयोग में लाने पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ अपनी बोली में बात करने का आह्वान किया। संगोष्ठी में मुख्यवक्ता सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जुगलाण ने क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए लोगों से घरों में बच्चों के साथ अपनी बोली-भाषा में बातचीत करने का सुझाव रखा। उन्होंने बताया कि रीति-रिवाजों, संस्कृति के संरक्षण के लिए क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार की जरुरत है।
कार्यक्रम अध्यक्ष राजीव थपलियाल ने अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों के संरक्षण के लिए क्षेत्रीय भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ उसे आम बोलचाल में प्रयोग करने की बात कही। कार्यक्रम के संयोजक रमेश रावत ने उत्तराखंड की सभी बोलियों को बचाने के लिए एकजुटता के साथ कार्य करने की जरूरत बताई। उन्होंने राज्य सरकार से आंचलिक बोलियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की पुरजोर वकालत की। इस अवसर पर समाजसेवी कुसुम जोशी, खांडगांव की प्रधान उदिना नेगी, शोभा रावत, अनीता ममगाईं, पंकज शर्मा, कृष्णकांत, पंकज भट्ट, कमला नेगी, शोभा चौहान, दिनेश पयाल, अनिल बहुगुणा, विपिन जोशी, कुंवर सिंह तड़ियाल, प्रमोद शर्मा आदि मौजूद थे।