बीएमएलटी के छात्रों को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश। सूबे के एकमात्र राजकीय स्नातकोत्तर स्वायत्तशासी महाविद्यालय में बीएमएलटी का कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को अब प्रेक्टिकल ट्रेनिंग (एप्रेंटिस) के लिए खुद के खर्च पर निजी संस्थानों से प्रशिक्षण नहीं लेना पड़ेगा। कॉलेज प्रशासन ने छात्र-छात्राओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिलाने के लिए एम्स संस्थान को प्रस्ताव दिया है, जिस पर इसी सत्र में सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
पीजी ऑटोनामस कॉलेज में बैचुलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (बीएमएलटी) के लिए 30 सीटें निर्धारित हैं। इस वर्ष बीएमएलटी कोर्स के लिए कॉलेज में 200 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। प्रवेश परीक्षा में 30 छात्र-छात्राओं ने क्वालीफाई किया। साढ़े तीन साल के कोर्स में तीन वर्ष तक थ्योरीकल कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र-छात्राओं को छह माह की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग करनी पड़ती है, इससे पहले छात्र-छात्राएं खुद के खर्च पर निजी अस्पतालों व मेडिकल संस्थानों में अप्रेंटिस करते थे, लेकिन अब महाविद्यालय प्रशासन ने बीएमएलटी के छात्र-छात्राओं को वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग दिलाने का निर्णय लिया है, जिसके चलते एम्स प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था। एम्स प्रशासन से कॉलेज के प्राचार्य की प्रथम चरण की औपचारिक वार्ताएं पूर्ण हो चुकी हैं। प्राचार्य ने इसी सत्र में प्रस्ताव पर सहमति बनने की उम्मीद जताई है।
मेडिकल की अन्य बारीकियां भी जानेंगे स्टूडेंट
ऋषिकेश। एम्स में बीएमएलटी के छात्र-छात्राओं को प्रेक्टिकल ट्रेनिंग दिए जाने पर सहमति बनने के बाद स्टूडेंट्स अन्य मेडिकल से जुड़ी बारीकियों को भी जान सकेंगे। लैब के अलावा कोर्स से संबंधित कई अहम चिकित्सा पद्घतियों से भी छात्र-छात्राओं को एम्स में ट्रेनिंग दिलाना प्रस्ताव में शामिल है।
क्या कहते हैं प्राचार्य
प्रस्ताव पर प्रथम चरण की वार्ता हो चुकी है। वर्तमान सत्र में ही प्रस्ताव को एम्स की ओर से स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। सहमति बनने से बीएमएलटी के स्टूडेंटस को वर्ल्ड क्लास की ट्रेनिंग ऋषिकेश में ही मिल सकेगी।
- डा. एनपी माहेश्वरी, प्राचार्य, पीजी ऑटोनोमस कॉलेज ऋषिकेश।