श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल पूर्व की भांति यूजर्स चार्जेज को जरुरत पडने पर खर्च कर सकेगा। शासन ने 50 फीसदी यूजर्स चार्जेज को अस्पताल के स्तर पर रोके जाने की सहमति दे दी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स को भी प्रांतीय चिकित्सा सेवा के डॉक्टर्स के समान पोस्टमार्टम भत्ता मिलेगा।
विगत दिवस राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की विभिन्न समस्याओं पर शासन स्तर पर बैठक हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि कुछ साल से अस्पताल में यूजर्स चार्जेज से मिलने वाली पूरी धनराशि शासन के खाते में जमा हो रही है। इससे अस्पताल की इमरजेंसी में दिक्कत हो रही है। इस प्रकरण को शासन में रखा गया। जिस पर शासन ने 50 फीसदी राशि को अस्पताल में रोकने की सहमति दी।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के अस्थायी कर्मचारियों को 7-8 माह से मानदेय न मिलने और समान कार्य-समान वेतन की बात को भी रखा गया। नर्सिग स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए कर्मचारी सेवा चयन आयोग को अधियाचन देने की बात कही गई।
प्राचार्य ने बेस अस्पताल में पीएमचएस संवर्ग (प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) के रिक्त पदों को भरने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि बेस अस्पताल में उक्त संवर्ग के कार्डियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, स्त्री रोग एवं बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य पद रिक्त चल रहे हैं। यदि उक्त पद भर जाए, तो मेडिकल केयर बेहतर होगी।