ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
दो फरवरी को विश्व नम भूमि दिवस पर आसन कंजरवेशन रिजर्व में पक्षी प्रेमियों के उमड़ने की उम्मीद है। वन विभाग की ओर से बर्ड वाचिंग का आयोजन किया जाएगा। इसमें पक्षी विशेषज्ञों के साथ ही कई स्कूली छात्र भी हिस्सा लेंगे। आसन कंजरवेशन रिजर्व भारत का पहला वेटलैंड कंजरवेशन रिजर्व है। यहां हर साल सैकड़ों विदेशी परिंदे 2000 किमी से भी अधिक की दूरी तय कर प्रवास पर पहुंचते हैं। अक्तूबर से मार्च तक आसन झील ही इन परिंदों का घरोंदा होता है।
ऐसे में विश्व नम भूमि दिवस के सफल आयोजन के लिए इन दिनों वन विभाग जुटा हुआ है। विभाग की ओर से बर्ड वाचिंग के साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। कलेंडर और पोस्टरों के माध्यम से लोगों को जैव विविधता में पक्षियों की उपयोगिता को समझाया जाएगा।
इस साल झील में 61 प्रजातियों के करीब 6008 परिंदे प्रवास पर पहुंचे हैं। पांच साल में यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में परिंदे प्रवास पर पहुंचे हो।
वन बीट अधिकारी प्रदीप सक्सेना ने बताया कि इस साल की थीम ‘वेटलैंड फॉर ए सस्टेनबल अर्बन फ्यूचर’ है। इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
ये परिंदे पहुंचे हैं प्रवास पर
इस साल झील में लिटिल ग्रेब, ग्रेट क्रिस्टेड ग्रेब, ग्रेट कॉरमेंट, पेंटेड स्टॉक, व्हाइड नेक्ड स्टॉर्क, पेल नेबड आइबिस, बार हेडेड गूस, ग्रे लेग गूज, ब्राह्मी शेलडेक, मलार्ड, नार्दन पिनटेल, मलॉर्ड, कॉमन टील, स्पॉट बिल्ड डक, कॉमन पोचार्ड, फेरूग्यूनस पोचॉर्ड, टफटेड पोचॉर्ड, यूरेशियन विगन, गैडवॉल, नॉर्दल शूवेलपर, रेड क्रिस्टेड पोचॉर्ड, कॉमन मेरगेनसर, पर्पल सवॉमपेन, व्हाइट ब्रिस्टेड वॉटरहेन, कॉमन मौरहेन, कॉमन कूट, ब्लेक विंगड स्टिलट, रेड वाटलड लैपविंग, रिवर लैप विंग, मॉरस सैंड पाइपर, कॉमन सैंड पाइपर, प्लॉश गुल, प्लाश फिश इगल, वेस्टर्न मारस हैरियर, स्माल ब्लू किंगफिशर, व्हाइट ब्रिस्टेड किंग फिशर, डस्की ग्रेग मार्टिन, लिटिल सरफि, बूटेड ईगल समेत 61 प्रजातियों के परिंदे पहुंचे हैं।