ब्यूरो/अमर उजाला
कालसी।
इन दिनों जौनसार बावर परगना क्षेत्र के कालसी, चकराता और त्यूनी तहसील में लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों की भारी कमी है। वर्तमान में इन तीनों तहसीलों में स्वीकृत 16 पदों के सापेक्ष महज चार ही लिपिक कार्यरत हैं। तहसील में कामकाज को पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है।
कालसी तहसील में 169 राजस्व ग्राम हैं। जबकि चकराता तहसील में 140 और त्यूनी तहसील में 53 राजस्व गांव हैं। कर्मचारियों की भारी कमी के चलते तीनों तहसील क्षेत्र में वादों की सुनवाई से लेकर दाखिल खारिज, हैसियत प्रमाण-पत्र, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण और कर्मियों को समय पर वेतन तक जारी नहीं हो पा रहा है। पिछले साल 20 दिसंबर को जिलाधिकारी ने कई लिपिकों का ट्रांसफर कर दिया था। जिसके बाद तीनों तहसीलों में तैनात लिपिक कर्मचारियों ने तो अन्यत्र तैनाती दे दी। लेकिन अन्य जगहों से ट्रांसफार्मर हुए लिपिकों ने अब तक तहसीलों में ज्वाइन नहीं किया है। वर्तमान में त्यूनी और चकराता तहसील में एक-एक लिपिक है, जबकि कालसी तहसील में दो लिपिक हैं। कालसी, त्यूनी में पांच-पांच और चकराता तहसील में छह पद स्वीकृत हैं।
सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक मायाराम चौहान, माया सिंह आदि का कहना है कि लिपिकीय कर्मियों के न होने से उनके पेंशन प्रकरण और जीपीएफ संबंधी फाइलें लंबित हैं। स्थानीय निवासी चंदन सिंह, मातवर सिंह, कांशीराम आदि का कहना है कि कर्मियों के न होने से उनके समय पर हैसियत प्रमाण-पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रजिस्ट्रार कानूनगो भी नहीं
तीनों तहसील क्षेत्र में जहां लिपिकीय कर्मचारियों की कमी है। वहीं चकराता और त्यूनी तहसील में रजिस्ट्रार कानूनगो का पद भी रिक्त है। जिसके चलते राजस्व और मुख्यमंत्री राहत कोष संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।
अब तक स्थानांतरण आदेशों का अनुपालन क्यों नहीं हुआ इसकी जानकारी ली जाएगी। शीघ्र ज्वाइनिंग न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी