गोपेश्वर/कर्णप्रयाग। उत्तराखंड पेयजल निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने वेतन भुगतान व पेंशन संबंधी पत्रावलियों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग को लेकर जल निगम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। चेतावनी दी गई यदि शीघ्र वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो 30 जनवरी को प्रदेश के सभी जल निगम के कार्यालय में तालाबंदी करने के साथ ही कोर्ट की शरण ली जाएगी।
अधिकारी/कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के संरक्षक हरेंद्र सिंह बर्तवाल ने कहा कि तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है, जबकि पेंशन संबंधी पत्रावलियों पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में रोष है। इस मौके पर जल निगम के ईई वीके जैन, अरुण प्रताप, बबीता सिंह, अरुण प्रताप, संरक्षक हरेंद्र सिंह बत्र्वाल, सचिव वीरेंद्र सिंह रावत, चंद्र सिंह, वीरेंद्र लाल, विक्रम सिंह, चंद्रकला खंडूड़ी, नरेंद्र सिंह, वीएस कंडेरी, रमा देवी, मीरा, देवेश्वरी, डीएस नेगी, मक्खन लाल, मोना रावत, आरएस पंवार, जेपी मलासी और जीत सिंह आदि मौजूद थे।
वहीं कर्णप्रयाग में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के कर्मचारी मांगों के निराकरण को लेकर जल निगम कार्यालय में एक दिवसीय क्रमिक अनशन पर बैठे। समन्वय समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार फरस्वाण ने कहा कि शासन की ओर से कर्मचारियों और पेंशनरों का तीन माह से वेतन तथा पेंशन का भुगतान नहीं होने से परिवारों के सामने आजीविका का संकट हो गया है। क्रमिक अनशन करने वालों में आरएमएल गुप्ता, महेंद्र कुमार, गबरू लाल, रमेश जोशी, अनसूया प्रसाद बरमोला और पुरुषोत्तम सती शामिल थे।