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15 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर माने ग्रामीण

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देवाल। रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर डामरीकरण के नाम पर हुए 28 लाख के घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना प्रशासन से वार्ता के बाद स्थगित हो गया। एसडीएम ने ग्रामीणों को 15 दिनों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और वसूली किए जाने का लिखित आश्वासन दिया। प्रशासन ने ग्रामीणों को जांच रिपोर्ट भी सौंप दी है। रिपोर्ट में डामरीकरण के लिए मिले पैसे को विभाग ने अन्यत्र खर्च करना दिखाया है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र सिंह की ओर से सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में लोनिवि की ओर से वर्ष 2010 में रैन-पलबरा मोटर मार्ग पर 1700 मीटर डामरीकरण पर 28.88 लाख का खर्च दिखाया गया था। जबकि जांच टीम नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह तथा ग्रामीण निर्माण निगम के एई रफद अली खान को निरीक्षण के दौरान सड़क पर न तो डामर मिला जबकि चौड़ाई भी मानकों से कम मिली थी। जांच टीम की ओर से न तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई न जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार से ब्लाक मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। बुधवार को एसडीएम सीएस डोबाल मौके पर पहुंचे और तीन घंटे तक आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि ग्रामीणों को सौंपने के साथ ही 15 दिनों में दोषियों के खिलाफ वसूली और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी, प्रधान कुंवर राम, संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, व्यापार संघ के अध्यक्ष केडी मिश्रा, पिंडारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन दानू, लखन रावत, महाबीर बिष्ट, बलबीर घुनियाल, नरेंद्र बिष्ट, बृजमोहन गड़िया, मंजू परिहार, तुलसी राम, बसंती देवी आदि शामिल रहे।
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