ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
कालसी विकास खंड के उपरौली गांव में राशन डीलर द्वारा फर्जी राशन कार्ड बनाकर लाखों रुपये का सरकारी राशन हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। इस खुलासा सूचना के अधिकार से हुआ। मामला प्रकाश में आने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को पत्र भेज कर कार्डों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
उपरौली गांव निवासी रविदत्त और दिनेश शर्मा ने सूचना के अधिकार के तहत खाद्यान्न विभाग से सूचना मांगी। जिससे यह बात प्रकाश में आई कि गांव में कई परिवारों के पति और पत्नी के नाम से अलग-अलग कार्ड बने हुए हैं। इसकी शिकायत उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से की थी। डीएसओ ने क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक को जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि उनके दो-दो राशन कार्ड बने हैं।
पूर्ति निरीक्षक की जांच में यह बात प्रकाश में आई कि वर्ष 2015-16 में डीलर से संबद्ध 140 एपीएल, 80 बीपीएल, 18 अंत्योदय (कुल 238) राशन कार्डों पर खाद्यान्न जारी किया गया। इसके बाद कार्डों के आधार से लिंक होने के बाद कुल कार्डों की संख्या घट कर महज 77 रह गई। जिसमें एपीएल के 28, बीपीएल के 35 और अंत्योदय के 14 कार्ड थे। इन्हीं कार्डों के आधार पर डीलर को राशन दिया गया। इससे पहले तक राशन डीलर फर्जी कार्डों के नाम पर सरकारी राशन हड़पता रहा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरकारी राशन को साहिया की दुकानों में बेचा गया। राशन डीलर प्रधानपति है, उसने ग्राम विकास अधिकारी से मिलकर सारा खेल किया। कहा कि यह खेल वर्ष 2012 से चल रहा था।
कोट्स :
मामला गंभीर हैं। अब तक हुई जांच में कार्ड ब्लॉक प्रशासन द्वारा जारी होने की बात प्रकाश में आई है। जिसके लेकर बीडीओ को कार्डों का सत्यापन करने को लिखा गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विपिन कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
कार्डों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। मामले में कार्ड जारी करने वाले ग्राम विकास अधिकारी का स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
- बीपी खंडूरी, बीडीओ, कालसी