ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मसूरी को तंबाकू मुक्त करने को लेकर जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी को तंबाकू मुक्त बनाने को जन सहभागिता जरूरी है। सभी नागरिकों को इस बुराई को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए।
नगर पालिका सभागार में आयोजित कार्यशाला में विधायक जोशी ने कहा कि ऐसे अभियानों को आज तक बंद कमरों व होटलों में आयोजित कार्यक्रमों तक सीमित रखा गया है। ठोस कार्रवाई के लिए जन सहभागिता बढ़ानी जरूरी है। मसूरी व्यापार मंडल और नगर पालिका की इस अभियान में अहम भूमिका होनी चाहिए। कार्यशाला की अध्यक्षता कर पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि तीन साल पहले भी तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मसूरी से ही अभियान शुरू किया था, लेकिन उसके बाद कुछ हुआ। नगर पालिका इस अभियान में अपना पूरा सहयोग देगी।
डिप्टी सीएमओ बीएस जंगपांगी ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण के लिए इस बार भी मसूरी को मॉडल सिटी बनाया जाएगा, इसके लिए सभी का सहयोग लिया जा रहा है। जिला तंबाकू नियंत्रक सलाहकार अर्चना उनियाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सिगरेट एवं तंबाकू नियंत्रण कानून के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. अनुराधा, अनुराग उनियाल, डॉ. विनोद नौटियाल, डॉ. अभिनव, रजत अग्रवाल, संदीप साहनी, जगजीत कुकरेजा, जसबीर कौर, विरेंद्र पंवार, मीरा सकलानी, अनीता धनाई, आरएन माथुर आदि मौजूद रहे।
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सोयाबीन पफ पर होगी विशेष निगरानी
कार्यशाला में बताया गया कि मसूरी में यह बात भी सामने आई कि बच्चों के खाने के पफ पैकिट में भी सोयाबीन पफ में नशीला पदार्थ मिलाया जा रहा है। वहीं, पेन और प्लास्टिक की शीशियों में भी नशीला पदार्थ आ रहा है। जिस पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।