जोशीमठ। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क वन प्रभाग के अंतर्गत भंग्यूल क्षेत्र के जंगलों में लगी आग पर शुक्रवार को दूसरे दिन भी काबू नहीं पाया जा सका है। आग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंच गई है। वहीं, दो दिन से धधक रहे भ्यूंडार, थैंग और बड़गांव क्षेत्र की आग पार्क के कर्मचारियों ने बुझा दी है। आग से क्षेत्र में करीब 80 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अधीन भंग्यूल गांव के वन क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सुबह अचानक आग भड़क गई थी। पार्क प्रशासन की टीम मौके पर आग बुझाने तो गई, लेकिन चट्टानी भाग होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। अब आग ऊंचाई वाले जंगलों में भी फैल गई है, जिससे वन्य जीवों को भी खतरा हो गया है। वन्य जीव आग लगने से निचले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। लोगों ने वन प्रभाग से आग लगाने वाले शरारती तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
वन क्षेत्राधिकारी धीरेश चंद्र बिष्ट का कहना है कि भ्यूंडार, थैंग और सुराईधार के जंगलों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि भंग्यूल क्षेत्र में लगी आग को बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।
केमर घाटी के जंगलों में भड़कने लगी आग
घनसाली (टिहरी)। अपर केमर घाटी के बालगंगा वन रेंज के गनगर और संराश गांव के पास जंगलों में तीन दिनों से भीषण आग लगी हुई है, जिससे कई हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग का कहना है कि जंगलों को आग से बचाने के लिए कंट्रोल बर्निंग की जा रही है, लेकिन कई जगहों पर आग जंगल में फैल गई है, जिसे काबू करने के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं।
अपर केमर घाटी के जंगल सर्दी के मौसम में ही आग की चपेट में आ गए हैं। तीन दिन से सुलगी आग को काबू करना वन विभाग के लिए मुश्किल होता जा रहा है। वनाग्नि के कारण जंगली जानवर भी गांव की तरफ आ गए हैं। वन विभाग आग पर काबू पाने के बजाए कंट्रोल बर्निंग का बहाना बना रहा है। रामी देवी, सरस्वती देवी, बैशाखी देवी और ममता देवी ने बताया कि जंगल में आग लगने के कारण पत्थरों के साथ ही पेड़ भी गिर रहे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। रेंज अधिकारी एसएस नेगी का कहना है कि जंगलों आग से बचाने के लिए कंट्रोल बर्निंग की जा रही है, एक-दो जगहों पर आग फैल गई है, जिसे बुझाने के लिए कर्मचारी जुटे हुए हैं, आग पर जल्द काबू पा लिया जाएगा।