ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
एक्शन एंड रिसर्च फॉर कंर्जेवेशन इन हिमालयाज संस्था की ओर से 15-20 फरवरी के बीच द ग्रेट हिमालयन बर्ड काउंटिंग-विंटर 2018 का आयोजन किया जाएगा। पूरे गढ़वाल मंडल में आयोजित होने वाले इस बर्ड काउंट फेस्टिवल में देशभर से आए 200 से भी अधिक विशेषज्ञ पांच दिनों तक पक्षियों की गिनती करेंगे। वन विभाग के सहयोग से आयोजित होने वाले इस काउंटिंग फेस्टिवल के दौरान इकट्ठा होने वाले डेटा का इस्तेमाल पक्षियों पर रिसर्च में किया जाएगा।
संस्था के फाउंडर प्रतीक पंवार ने बताया कि उत्तराखंड में मिलने वाले पक्षियों का कोई डेटा नहीं है। 2008 से हर साल इस फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। 2015 और 16 में किन्हीं कारणों से इस फेस्टिवल का आयोजन नहीं हो सका। अब तक छह बार काउंटिंग की जा चुकी है। इस बार सातवीं बर्ड काउंटिंग की जाएगी। 15 सालों तक डेटा को इकट्ठा करने के बाद उत्तराखंड में पाए जाने वाले माइग्रेट और स्थानीय पक्षियों पर एक पुस्तक प्रकाशित की जाएगी। फेस्टिवल के दौरान इकट्ठा होने वाले डेटा से प्रदेश की जलवायु को समझने में भी मदद मिलती है।
यहां होगा फेस्टिवल
इस बार गढ़वाल मंडल अंतर्गत टोंस, यमुना, पावर, कमल नाड़ी, अगलाड़, भागिरथी, भिलगना, गंगा, मंदाकिनी, अलकनंदा के साथ ही आसन और झिलमिल कंजरवेशन रिजर्व और भीमगौड़ा बैराज के 75 ट्रेकिंग ट्रेल्स पर इस काउंट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा।
वन विभाग 25 को करेगा गिनती
आसन कंजरवेशन रिजर्व में 25 जनवरी को बर्ड काउंटिंग की जाएगी। हर साल अक्तूबर में देश-विदेश से सैकड़ों प्रवासी परिंदे आसन झील में प्रवास पर पहुंचते हैं। मार्च तक आसन झील ही इन परिदों का घरोंदा होता है। वन बीट अधिकारी प्रदीप सक्सेना ने बताया कि अब तक ज्यादातर परिंदे प्रवास पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में यह समय परिंदों की गिनती के लिए बेहतर समय है। गिनती के लिए तैयारियां की जा रही है। संभवत: 25 जनवरी को बर्ड काउंटिंग की जाएगी।