श्रीनगर। सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) सहित सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों में बेहतर प्लेसमेंट मिल रहा है। अब तक चार वर्षों में कैंपस इंटरव्यू के जरिये एनआईटी के 75 छात्र-छात्राओं को सालाना 3 से 10 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी मिली है। संस्थान के अनुसार, कई नामी-गिरामी कंपनियों ने कैंपस इंटरव्यू में दिलचस्पी दिखाई है।
वर्ष 2009 में उत्तराखंड को केंद्र सरकार ने एनआईटी का तोहफा दिया था। वर्ष 2010 से श्रीनगर के भक्तियाना मोहल्ले में पालीटेक्निक और आईटीआई के भवन/जमीन में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है। इसके बाजवूद संस्थान के शैक्षणिक गुणवत्ता पर इसका असर नहीं पड़ा।
वर्ष 2014 में एनआईटी का पहला बैच पास आउट हुआ था। तब से हर साल कैंपस इंटरव्यू के जरिये छात्र-छात्राएं रोजगार पा रहे हैं। पिछले दो साल में इसमें और तेजी आई है। संस्थान के रजिस्ट्रार कर्नल सुखपाल सिंह (रिटायर्ड) ने बताया कि प्लेसमेंट सेल के माध्यम से 75 छात्र-छात्राएं रोजगार पा चुके हैं। एलएंडटी, एकोलाइट, सेमसंग, गोदरेज, रिलायंस, विप्रो और इन्फोसिस ने यहां के छात्र-छात्राओं को चुना है। एकोलाइट ने एक छात्र को सालाना 10 लाख रुपये का ऑफर दिया है। वहीं कैपगैमिनी इंडिया ने 17 छात्र-छात्राओं को 6 लाख रुपये के पैकेज पर प्लसमेंट दिया है। कंप्यूटर साइंस में सर्वाधिक छात्र-छात्राओं को प्लसमेंट मिला है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में रोजगार पाने वालों की संख्या बढ़ सकती है। कई एमएनसी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।
सन्दीप