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संभावनाएं अपार, सुविधाओं की दरकार

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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हिंदी फिल्म ‘राइफलमैन जसवंत सिंह’ में मुख्य किरदार निभा रहे बॉलीवुड कलाकारों का कहना है जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां फिल्मों की शूटिंग के लिए कई लोकेशन हैं, जो फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। बस कमी है तो क्षेत्र में सुविधाएं विकसित करने की। सरकार को इस दिशा में ठोस नीति बनाने की जरूरत है। फिल्म में काम कर रहे कलाकार बैराटखाई से पांच किमी दूर स्थित छानी चुरानी में ठहरे हुए हैं। बैराटखाई में चीन-भारत युद्ध के कई दृश्यों की शूटिंग चल रही है। बैराटखाई समेत आसपास के क्षेत्रों की सुंदरता से सभी कलाकार खासे प्रभावित हैं।
रविवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में गंगाजल, चाइना गेट, गोलमाल, अपहरण आदि फिल्मों में अहम किरदार निभाने वाले मुकेश तिवारी का कहना है कि छानी चुरानी जैसी जगह पर कुदरत मेहरबान है। सरकार को इसे विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आसपास ऐसी कई लोकेशन हैं, जहां फिल्म निर्माताओं को आकर्षित किया जा सकता है। वहीं, विभिन्न धारावाहिकों के साथ ही दंगल, मैरीकॉम, तलवार और सरकार जैसी फिल्मों में अभिनय कर चुके शिशिर शर्मा का कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से पलायन भी रुकेेगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सुविधाएं होने पर पर्यटकों के साथ ही फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नजर क्षेत्र पर पड़ेगी। छानी चुुरानी का अनुभव साझा करते हुए फिल्म दबंग टू, जब तक है जान, हॉलीडे में काम कर चुके गिरीश सचदेवा ने बताया कि बैराटखाई और आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता का खजाना है। यहां शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं, बस जरूरत है सुविधाएं जुटाने की। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ने से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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संवाई निवासी जितेंद्र ने तैयार की छानियां
पांच साल पहले संवाई गांव निवासी युवा जितेंद्र सिंह चौहान ने चुरानी नामक स्थान पर छानियां तैयार की। इन्हीं छानियों में कलाकार ठहरे हुए हैं। चौहान सरकारी उपेक्षा से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि स्थानीय युवा क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं करा रही है।
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जनजातीय संस्कृति से रूबरू कराना मकसद
छानी चुरानी राजधानी देहरादून से करीब 90 किमी दूर स्थित है। यहां वाया मसूरी पहुंचा जा सकता है। मसूरी से यहां की दूरी 60 किमी है। चुरानी छानी के मालिक जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि छानियां पारंपरिक तरीके से बनाई गई हैं। इसकी छतें पत्थर और दीवार मिट्टी की हैं। यहां आने वाले सैलानियों की मांग पर उन्हें पहाड़ी पकवाने परोसे जाते हैं। छानियों को इस तरह तैयार किया गया है कि यहां आने वालों को गांव की महक महसूस हो सके। छानी विकसित करने का उद्देश्य बाहरी लोगों को जनजातीय संस्कृति से रूबरू कराना है। एमटीवी रोडिज राजीव भी यहां रुक चुके हैं। यहां से पांच किमी दूरी पर स्थित बैराटखाई में राजा बैराट का किला है, जहां फिल्म की शूटिंग चल रही है। कुछ ही दूरी पर नागथात, माक्टी, चकराता, पुरोड़ी, चिरमिरी टॉप, रामताल गार्डन आदि मनोरम स्थल हैं, जहां से क्षेत्र की खूबसूरती का दीदार किया जा सकता है।
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