अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सात साल गुजरने के बाद भी हरिद्वार-रुड़की फोरलेन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। हां, इस बीच सैकड़ों परिवारों को ताउम्र न भूलने वाला दर्द जरूर दे गया है। वर्ष 2010 से अब तक जिले में हुए सड़क हादसों में 1534 लोग मौत के शिकार हुए हैं, जबकि 2300 लोग हादसों में घायल हुए हैं।
अधिकांश हादसे हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर ही घटित हुए है। खूनी फोरलेन ने कई परिवार तबाह कर दिए हैं। वर्ष 2010 से फोरलेन का निर्माण शुरू हुआ था, तब से अब तक काम पूरा नहीं हुआ। ऐसे में जगह-जगह दुर्घटना संभावित क्षेत्र उभर आए और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। खासतौर पर शहरी से सटे क्षेत्र में दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी दावा कर गए थे कि जल्द ही फोरलेन का निर्माण पूरा हो जाएगा, लेकिन फिलहाल धरातल पर फोरलेन के काम में कोई तेजी नहीं दिख रही है।
सड़क हादसों का ब्योरा
वर्ष हादसों की संख्या मृतकों की संख्या घायलों की संख्या
2010 348 244 353
2011 354 197 364
2012 348 198 356
2013 281 152 243
2014 315 184 261
2015 337 207 343
2016 344 212 227
2017 247 140 153
(ये आंकड़े वर्ष 1-1-2010 से लेकर 31-09-2017 तक के है)