गौचर/कर्णप्रयाग। हाईकोर्ट की ओर से गौचर पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज किए जाने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त किए जाने संबंधी निर्णय से कांग्रेसी खुश हैं। कांग्रेसियों ने कहा कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं की पहल पर सरकार द्वारा पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करने का षड्यंत्र किया गया था, जो न्याय के दर पर हार गया है।
बुधवार को रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में कांग्रेसियों ने कहा कि वर्ष 2012 में हुए मामले की जांच के बाद शासनस्तर पर 2015 में पालिकाध्यक्ष को क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन दिसंबर 2017 में हुए गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान कुछ भाजपाइयों द्वारा षड़यंत्र के तहत शिकायत की गई, जिस पर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार द्वारा 15 दिसंबर को पालिकाध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए, जिसे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया।
पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि न्यायिक जीत मिलने के बाद अब शेष कार्यकाल जनता की भावनाओं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। वहीं कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट ने कहा कि हरीश रावत की सरकार को भी भाजपा ने गलत तरीके से गिराने की कोशिश की, जो गलत है।