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छह माह तक ननिहाल में रहने के बाद मायके लौटी मां नंदा, सैंती गांव में किया रात्रि प्रवास

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घाट (चमोली)। छह माह तक अपने ननिहाल में प्रवास करने के बाद मां नंदा अपने मायके लौट आई है। बुधवार को सैंती गांव पहुंचने पर मां नंदा का भक्तों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। नंदा की डोली रात्रि प्रवास के लिए सैंती गांव के लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंची। मां नंदा ने अपने भक्तों की कुशलक्षेम भी पूछीं।
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बता दें कि बीते वर्ष अगस्त माह में विभिन्न पड़ावों से होते हुए मां नंदा की लोकजात शुरू हुई थी। 28 अगस्त को नंदा सप्तमी की पूजा-अर्चना के बाद बधाण की मां नंदा वेदनी बुग्याल में पूजा-अर्चना के बाद छह माह के लिए अपने ननिहाल देवराड़ा में विराजमान हो गई थी। दिसंबर माह में देवराड़ा से विदा लेकर मां नंदा ने कुरुड़ में स्थित अपने मंदिर के लिए प्रस्थान किया था। बुधवार को नंदा की डोली ने ननिहाल का क्षेत्र छोड़कर मायके के क्षेत्र में प्रवेश किया। सणकोट गांव में पूजा अर्चना के बाद मां नंदा की डोली रानीहाट और बांजबगड़ गांव होते हुए रात्रि प्रवास के लिये सैंती गांव स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंची, जहां देवी भक्तों ने मां नंदा का भव्य स्वागत किया।
सिद्धपीठ कुरुड़ के पुजारी मंशाराम गौड़ ने बताया कि बृहस्पतिवार को मां नंदा की डोली घाट बाजार होते हुए सिद्धपीठ कुरुड़ पहुंचेगी, जहां यज्ञ अनुष्ठान के बाद दोपहर बाद देवी गर्भगृह में प्रवेश करेगी। इस मौके पर योगेश्वर प्रसाद, विजय प्रसाद गौड़, सुनील प्रसाद, मनोहर गौड़, रमेश चंद्र, खीमानंद आदि मौजूद थे।
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