आय प्रमाणपत्र का प्रारूप जारी होने के बाद बुधवार को लेखपाल (पटवारी) काम पर लौट आए। पहले दिन तहसील देहरादून से पांच लोगों को आय प्रमाणपत्र जारी किए गए। आवेदकों ने स्वयं अपने आय के स्रोतों की जानकारी नए प्रारूप में भरकर दी। जिसके आधार पर लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट लगाकर प्रमाणपत्र जारी किए।
दरअसल, समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद जांच में सामने आया था कि लोगों ने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सरकार से अवैध रूप से छात्रवृत्ति ली। उसके बाद पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए तहसील से आय प्रमाणपत्रों का ब्योरा तलब किया है। इसके विरोध में चार फरवरी से देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार चंपावत सहित पांच जिलों में पटवारियों ने आय प्रमाणपत्र बनाने का बहिष्कार कर दिया था।
इनकी मांग थी कि यूपी की तर्ज पर प्रदेश में भी आय प्रमाणपत्र का नियम निर्धारित किया जाए। हड़ताल के चलते पांच जिलों में तीन माह में दस हजार आय प्रमाणपत्र और 12 हजार दाखिल खारिज का कार्य लटका हुआ था। उधर, लोगों की परेशानियों को देखते हुए मंगलवार को शासन ने प्रारूप संबंधी शासनादेश जारी कर दिया।