ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। दून विश्वविद्यालय में छात्रों ने संविदा पर कार्यरत शिक्षक की दोबारा नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन कर दिया। आरोप लगाया पात्रता पूरी न होने पर शिक्षक को बाहर किया गया था अब फिर उसी शिक्षक को रखा जा रहा है। शिक्षक ने आरोपों को खारिज किया है।
सोमवार को काफी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में संविदा पर कार्यरत शिक्षक एसके दादर की दोबारा नियुक्ति का विरोध कर दिया। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर दी। उनका कहना था कि जिस शिक्षक को छात्रों को धमकाने समेत कई अन्य गंभीर आरोपों के चलते विवि से निकाल दिया गया था, उसे दोबारा रखना गलत है। इसके बाद छात्र परिषद के नेतृत्व में गुस्साए छात्र कुलसचिव, कुलपति एवं उप कुलसचिव से मिलने पहुंचे और शिक्षक की नियुक्ति रद्द करने की मांग की। साथ ही मांग न मानने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में छात्र परिषद के अध्यक्ष अभिषेक थलवाल, सतेंद्र चौहान, अमित जोशी, नवनीत राजोरिया, परिणय, निशांत, ऋषभ असवाल, अंशुमन, राहुल, गौतम आदि शामिल थे। उधर, मामले में पक्ष जानने के लिए विवि के कुलसचिव सुधीर बुड़ाकोटि को फोन किया। लेकिन, उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें एसएमएस भी किया गया। लेकिन, उनका जवाब नहीं मिला। जब उनका पक्ष आएगा तो उसे प्रकाशित किया जाएगा।
कोट
सात साल से विवि में काम कर रहा हूं। अंदरूनी राजनीति के चलते मेरा कांट्रेक्ट रिन्यू नहीं किया गया था। मैंने इसकी शासन में शिकायत की थी। इस पर शासन ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति की सिफारिश के आधार पर शासन ने दोबारा मेरी नियुक्ति बहाल करने का आदेश जारी किया है। इसी आधार पर दोबारा नियुक्ति हुई है।
-प्रो. एसके दादर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, दून विवि