गोपेश्वर। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में ऑलवेदर रोड परियोजना के कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को तय समय पर सर्वेक्षण और मुआवजा वितरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि कमेड़ा से नंदप्रयाग तक ऑलवेदर रोड की रिपोर्ट भारत सरकार को भेज दी गई है। साथ ही एनएच के अधिकारियों को नंदप्रयाग से हेलंग तक मुआवजा धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएच के महाप्रबंधक आरपी मिश्रा ने कहा कि आगामी 14 जनवरी तक प्रभावितों के मुआवजे की धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी। कर्णप्रयाग, चमोली और जोशीमठ के उप जिलाधिकारियों को परियोजना से प्रभावित हो रहे लोगों की खतौनी को अपडेट करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि एनएच से मुआवजा धनराशि अवमुक्त होने पर प्रभावित परिवारों में धनराशि आवंटित की जा सके। डीएम ने जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह को प्रस्तावित हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का सर्वेक्षण कार्य भी शुरू करने को कहा है। बैठक में अपर जिलाधिकारी ईलागिरी, बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडे, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर, कर्णप्रयाग के एसडीएम केएन गोस्वामी आदि मौजूद थे।
रेल परियोजना की जद में आ रहे परिवारों को भेजें नोटिस
गोपेश्वर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने परियोजना से प्रभावित हो रहे ऐसे परिवारों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए, जो लंबे समय से मैदानी क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। उन्होंने परियोजना का सर्वेक्षण और मुआवजा वितरण कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि कमेड़ा से कर्णप्रयाग तक कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी भूमि रेल परियोजना निर्माण की जद में आ रही है और वे लंबे समय से मैदानी क्षेत्रों में रह रहे हैं। उन्होंने तहसील और राजस्व विभाग के अधिकारियों को ऐसे लोगों को नोटिस भेजने के निर्देश दिए। कर्णप्रयाग के एसडीएम केएन गोस्वामी ने कहा कि दस दिनों के भीतर इन परिवारों को नोटिस भेज दिए जाएंगे। बैठक में मैनेजर (टेक्निकल रेलवे) बीएस नेगी, मैनेजर (टेक्निकल राजस्व) डीसी बडोनी, तहसीलदार एम लाल आदि मौजूद थे।