श्रीनगर। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के भूमिधर प्रभावित कर्मियों ने नियुक्ति पत्र व एरियर भुगतान की मांग के लिए परियोजना पावर हाउस के सम्मुख धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पावर हाउस के गेट के अंदर घुसते समय एक महिला चोटिल हो गई। महिला को उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीकोट में भर्ती करवाया गया है।
मंगलवार को श्रीनगर जल विद्युत परियोजना/अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लि. (एएचपीसीएल) में तैनात भूमिधर कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के लिए परियोजना पावर हाउस गेट के आगे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के आंदोलन को देेखते हुए कीर्तिनगर प्रशासन ने गेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। दोपहर बाद कर्मियों ने परियोजना गेट के अंदर घुसने का प्रयास किया। भगदड़ में एक कर्मचारी परमेश्वरी बडोनी के पांव में चोट लग गई, जिसे उपचार के लिए बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। कर्मियों का आरोप है कि परियोजना निर्माण में अपनी जमीन गवां चुके लोगों को कंपनी की ओर से शर्तों के अनुरूप नौकरी दी गई है। कंपनी अब नये-नये फरमान जारी कर अपनी शर्तों से मुकर रही है। साथ ही कुछ कर्मियों को एरियर का भुगतान व नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। जबकि कई कमिर्यों को इससे वंचित रखा गया है। कहा कंपनी कर्मियों को आपस में लड़ाने का काम कर रही है। कर्मियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से जबरन कर्मियों से शपथ पत्र भरवाए जा रहे है। जोकि उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान मुकेश राणा, केदार सिंह बिष्ट, शंकर सिंह, प्रवीन रतूड़ी, बद्री पांडे, अमित रतूड़ी, शशी रावत, गोपाल राणा, देवेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
कर्मियों के साथ वार्ता चल रही है। अगर सहमति नहीं बनी तो एक दो दिन में कंपनी के उच्च अधिकारी पहुंच रहे है। नियमानुसार कर्मियों की समस्या का समाधान किया जाएगा। वाईआर शर्मा जन संपर्क अधिकारी एएचपीसीएल श्रीनगर।