21 फरवरी से कार्य बहिष्कार करेंगे जूनियर इंजीनियर्स
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। 15 सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन के कर्मचारियों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। इसके विरोध में एसोसिएशन से जुड़े कर्मी छह फरवरी से निर्धारित आठ घंटे ही कार्य करेंगे। कहा कि अगर इससे भी नहीं चेते तो 21 फरवरी से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
बुधवार को उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष एन कोठियाल एवं महासचिव जेसी पंत ने कहा कि प्रबंधन जूनियर इंजीनियर्स संवर्ग के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है। कार्मिकों के सेवानिवृत्त होने पर रिक्त पदों पर पदोन्नति नहीं की जा रही है। फील्ड के अवर अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं के पास एक से अधिक कार्यालयों का प्रभार होने से उनके ऊपर अतिरिक्त कार्य का भार है। उनसे निर्धारित आठ घंटे से अधिक समय तक कार्य कराया जा रहा है, जिससे उनकी व्यक्तिगत एवं सामाजिक दिनचर्या अव्यवस्थित हो गई है। यूजेवीएन में सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता के पद पर डीपीसी हो चुकी है, लेकिन आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं।
प्रेसवार्ता में रविंद्र सैनी, संदीप शर्मा, राजीव खर्कवाल, प्रमोद भंडारी, मनीष पांडे, पवन रावत, जगपाल, एसके सैनी, बीके जोशी, अरविंद त्रिपाठी, राकेश कुमार, आरिफ अली, दानिश, राजेश जोशी, महावीर पंवार, विमल कुलियाल, बबलू सिंह, मुकेश आदि मौजूद रहे ।
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ये हैं मांगें
- एसीपी में 9/5/5 की पूर्व व्यवस्था को बहाल किया जाए।
- तीनों निगमों में स्थानांतरण एवं तैनाती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
- यूपीसीएल एवं पिटकुल में अवर अभियंता के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती हो।
- यूपीसीएल में प्रभारी व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए।
- सेवानिवृत्त कार्मिकों को प्रतिमाह सात तारीख तक पेंशन भुगतान होना चाहिए।