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मुख्य वन संरक्षक को जांच से हटाया

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मुख्य वन संरक्षक को जांच से हटाया
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की दूधिया बीट के हरिपुर कलां सपेरा बस्ती के सामने कई माह पूर्व गुलदार की खाल व हड्डियां बरामद किए जाने के प्रकरण की जांच में एक बार फिर जांच अधिकारी बदल दिया गया है। अपर मुख्य सचिव वन डॉ. रणवीर सिंह ने प्रकरण की जांच कर रहे मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन की जगह राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक सनातन सोनकर को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। ज्ञात हो कि इसी प्रकरण की एसआईटी के स्तर पर भी जांच कराई जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि हरिपुर कलां सपेरा बस्ती के सामने 22 मार्च को राजाजी टाइगर रिजर्व के अफसरों और कर्मचारियों ने बोरे में बंद गुलदार की हड्डियां व खाल बरामद की थी। इस प्रकरण में कुछ विभागीय अधिकारियाें और कर्मचारियाें की भूमिका संदेह के घेरे में है। प्रकरण की जांच कर रही विभागीय टीम ने इसका खुलासा करते हुए रायवाला निवासी मीट कारोबारी अमित कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था जबकि घटना में शामिल पांच आरोपियों पंछीनाथ, सहजा, पत्थरनाथ, योगेश व जीवानाथ जांच कर रही टीम को चकमा देकर फरार हो गए थे। इनमें से कई ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में शासन ने इस प्रकरण की जांच मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन को सौंप दी थी। जांच अधिकारी मनोज चंद्रन ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि जिस बाक्स में हड्डियों व खाल को जांच के लिए भेजा गया था, उसका ताला बदल दिया गया था। जांच रिपोर्ट को लेकर अफसरों मेें ठन गई थी। अब अपर मुख्य सचिव वन डॉ. रणवीर सिंह ने जांच अधिकारी मनोज चंद्रन को हटाते हुए प्रकरण की जांच पार्क निदेशक सनातन सोनकर को सौंप दी है। दूसरी ओर जांच के संबंध में जब पार्क निदेशक सनातन सोनकर से जानकारी चाही गई तो संपर्क नहीं हो सका।
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