सभी स्कूलों में फर्जी पंजीकरण की होगी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य के सभी स्कूलों में फर्जी तरीके से छात्रों के पंजीकरण को लेकर जांच करायी जाएगी। निदेशालय स्तर के अधिकारी जिलों मेें जाकर जांच करेंगे। स्कूलों में एनसीआरटी की किताबों को मुहैया कराने के लिए अब भविष्य में उन्हीं प्रकाशकों को तवज्जों दी जाएगी जो कम से कम 50 लाख पुस्तकों का प्रकाशन करते हों। यह निर्णय सोमवार को सचिवालय सभागार में शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की बैठक में लिया गया।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अध्ययनरत छात्रों को एनसीआरटी की पुस्तकों की कमी न हो, इसके लिए पुस्तकों के प्रकाशन में 50 लाख की शर्त रखी जाए। उन्होंने निजी स्कूलों में उच्च न्यायालय के आदेश का पालन की जानकारी भी ली। शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में एक ही स्थान मेें संचालित प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूलों एवं हाईस्कूलों के संविलयन पर जोर देते हुए कहा कि इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अफसरों ने शिक्षा मंत्री को बताया कि ऐसे 1063 विद्यालय स्थलों को चिन्हित किया गया है जहां एक ही परिसर में कई स्कूल संचालित हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि संविलयन किए जाने से दूर क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को हाईस्कूल तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पडे़गा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तरह बनाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को अवकाश के दिनों में भी आवश्यकतानुसार पढ़ाने के लिए ड्यूूटी पर लगाने के निर्देशित किया। शिक्षा मंत्री में राज्य के स्कूलों में छात्रों के फर्जी पंजीकरण पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश जारी किए। कहा कि जिला व खंड स्तरीय अधिकारी स्कूलों मेें औचक निरीक्षण कर छात्रों की संख्या का भौतिक सत्यापन करें। शिक्षा महानिदेशक को निर्देशित किया कि निदेशालय स्तर से हर जिले में दो अधिकारियों को भी भेजकर सत्यापन कराया जाए।
निर्देशित किया कि ठंड के दौरान निजी स्कूूलों के खुलने का समय सुबह साढ़े आठ बजे की जगह साढ़े नौ बजे किया जाए। इस संबंध में तुरंत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। बैठक में सीबीएसई की भांति उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं परीक्षाओं के लिए कृपांक व्यवस्था लागू करने की बात कही ताकि परिषदीय परीक्षाओं मेें परीक्षाफल में सुधार लाया जा सके। इस संबंध में उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में सचिव शिक्षा भूपेंद्र कौर औलख, प्रभारी सचिव संस्कृत शिक्षा इंदुधर बौड़ाई, महानिदेशक शिक्षा ज्योति यादव, अपर निदेशक वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक बेसिक वीरेंद्र सिंह रावत, अपर निदेशक माध्यमिक रामकृष्ण उनियाल, अपर निदेशक सीमैट शशि बाला चौधरी, अजय नौडियाल, संयुक्त निदेशक माध्यमिक भूपेंद्र नेगी समेत शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।