ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय ने सभी अशासकीय और निजी कॉलेजों के स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। सोमवार से विवि ने परीक्षा फॉर्म भरने के लिए अपनी वेबसाइट खोल दी है।
विवि ने इस वर्ष डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, एसजीआरआर सहित सभी निजी कॉलेजों की संबद्धता समाप्त करने का पत्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा था। इसी आधार पर विवि ने अपने परिसर को छोड़कर शेष सभी कॉलेजों के प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षा प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी थी। 23 अक्तूबर के अंक में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए विवि प्रशासन ने सोमवार को परीक्षा प्रक्रिया पर लगाई रोक हटाने की सूचना जारी कर दी। इसके तहत अब सभी प्रथम वर्ष के छात्र अपने परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के निर्देश पर कुलसचिव प्रो. एके झा ने इस संबंध में सूचना जारी की।
पांच नवंबर तक भरें फॉर्म
विवि के परीक्षा फॉर्म पांच नवंबर तक भरे जाएंगे। इसके बाद फॉर्म भरने पर एक हजार रुपये विलंब शुल्क देना होगा। फॉर्म भरने के बाद उसके शुल्क की रसीद कॉलेज में जमा कराने की अंतिम तिथि छह नवंबर निर्धारित की है। कॉलेजों की ओर से विवि में रोलनंबर लिस्ट भेजने की अंतिम तिथि 12 नवंबर तय की है।
ऐसे भरें परीक्षा फॉर्म
सबसे पहले छात्र को अपना परीक्षा आवेदन पत्र ऑनलाइन भरना होगा। इसके बाद एसबीआई या ऑनलाइन ही परीक्षा शुल्क जमा कराना होगा। फिर अपने कॉलेज में आवेदन पत्र से संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे।
यह था मामला
गौरतलब है कि कई कक्षाओं का रिजल्ट न आने और अंकतालिकाओं में लगातार हो रही त्रुटियों को लेकर डीएवी समेत विभिन्न कॉलेजों के कई छात्र गढ़वाल विवि श्रीनगर पहुंचे थे। जहां उनकी इसी बात को लेकर विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों से हाथापाई और मारपीट हो गई थी। इसी बवाल के चलते विवि ने सभी अशासकीय और निजी कॉलेजों की संबद्धता समाप्त करने को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजा था।
यह है वेबसाइट: www.hnbgu.ac.in