हरिद्वार। मां-बेटी से रेप के मामले में फंसे खड़खड़ी चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार, दो अन्य लोगाें को ज्वालापुर पुलिस ने जांच के बाद क्लीन चिट दे दी है। पुलिस का दावा है कि जांच में उस नाम पते की कोई पीड़िता नहीं पाई गई। इसलिए पुलिस ने मुकदमे को सिरे से खारिज कर दिया है। एलआईयू ने भी इस प्रकरण में रिपोर्ट दी है।
डीजीपी अनिल रतूड़ी के निर्देश पर ज्वालापुर पुलिस ने 28 दिसंबर को कोतवाली ज्वालापुर में तैनात रहे एसआई प्रदीप कुमार, लाल मंदिर कालोनी निवासी अनिल कुमार, ईश्वर चंद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज किया था। डीजीपी को एक महिला ने पत्र भेजकर शिकायत की थी कि पहले वह मजबूरी में शराब बेचती थी और तब यह तीनों उससे शारीरिक संबंध बनाते थे। अब ज्वालापुर कोतवाली में एसआई बनकर आए प्रदीप कुमार ने उसकी जवान हो चुकी बेटी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप था कि विरोध करने पर एसआई उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देता है। 28 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पूरे मामले को दबाए रखा था। तब तक स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर चुकी थी। महिला एसआई संदीप भंडारी, एसआई टीना ने इसकी जांच की है। जांच के दौरान महिला दारोगाओं को शिकायतकर्ता नाम की कोई महिला ही नहीं मिल पाई। पूरे क्षेत्र में उसकी तलाश करने के बाद जब पीड़िता का वजूद ही न होना पाया गया तब केस को ही खारिज कर दिया गया। एसएसआई संजीव थपलियाल ने बताया कि मुकदमे को खारिज कर दिया गया है।