देवप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग की एनएसएस इकाई के स्वयंसेवियों ने 7 दिवसीय विशेष शिविर में ऐतिहासिक 52 गढ़ों में से एक भरपूर गढ़ का भ्रमण कर सफाई अभियान चलाया।
भ्रमण के दौरान भरपूर गढ़ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देते हुए सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण सिंह सजवाण ने बताया कि भरपूर गढ़ की स्थापना लक्ष्मण सिंह सजवाण ने की थी। स्वयंसेवियों ने भरपूर गढ़ का प्राचीन कोठा, बंदी गृह व वट वृक्ष को भी देखा। इसी वृक्ष पर मुलजिमों को फांसी दी जाती थी। कोठे से गढ़पति अपना प्रशासन चलाते थे। ऐतिहासिक क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद कार्यक्रम प्रभारी डा. अशोक कुमार मैंदोला ने कहा कि स्वयं सेवियों को अपने क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास का ज्ञान होना चाहिए। भ्रमण में अर्चना धपवाल, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक रावत सहित 50 स्वयंसेवी छात्र-छात्राएं शामिल थे। वहीं, जीआईसी हिंडोलाखाल का हाईस्कूल कनफोलाखाल डांडा में चल रहा शिविर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। शिविर में 26 स्वयंसेवियों ने ग्राम पंचायत डांडा में स्वच्छता व जन जागरूकता कार्यक्रम चलाए। इसके अलावा ग्रामीणों को लघु बचत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण आदि के बारे में बताया। एनएसएस की ओर से स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य देवेंद्र बिष्ट, कार्यक्रम अधिकारी इंद्रेश पुरोहित व सुनीता शाह आदि मौजूद थे।