गोपेश्वर। लोनिवि और एडीबी आपदा के आपसी विवाद के चलते गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग कई स्थानों पर खतरनाक बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते खस्ताहाल सड़क यहां दुर्घटना को न्योता दे रही है। लोनिवि के अधिकारियों की मानें तो मोटर मार्ग के रख-रखाव का जिम्मा एडीबी आपदा का है। जबकि एडीबी के अधिकारियों का कहना है कि मोटर मार्ग का कार्य पूर्ण कर हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान होने के चलते सुधारीकरण कार्य नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यहां पोखरी, हापला और बछेर क्षेत्र के हजारों लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग पोखरी सहित हापला घाटी और बछेर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों को यातायात सुविधा से जोड़ता है। इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी एडीबी आपदा की है, लेकिन अब एडीबी आपदा द्वारा कार्य पूर्ण होने की बात कह कर सड़क लोनिवि को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जबकि लोनिवि की ओर से मोटर मार्ग के सुधारीकण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सड़क को लेने से इंकार कर दिया गया है। ऐसे में यहां मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से बीते छह माह से जस के तस पड़े हुए हैं। इसके चलते यहां ग्रामीण प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य महानंद बिष्ट और सुरेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इधर, जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी का कहना है कि गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। यदि वर्तमान तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण नहीं किया गया है। तो इसे दिखवाया जाएगा और क्षतिग्रस्त हिस्सों का शीघ्र सुधारीकरण कर सुचारु यातायात की व्यवस्था की जाएगी।