लापरवाही पर जल निगम के ईई पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत लापरवाही बरत रहे अधिशासी अभियंता सुमित आनंद को केंद्रीय भंडार शाखा से हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। वहीं ईई द्वारा अमृत के तहत क्षेत्र में किए गए सभी कार्यों की जांच की जाएगी।
पिछले दिनों धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने पूर्व राज्यमंत्री महेश्वर बहुगुणा, बीजेपी महामंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे के नेतृत्व में पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के आवास पर उनसे मुलाकात की। उन्होंने अधिशासी अभियंता सुमितानंद पर अमृत तहत हुए कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया था। साथ ही उन्हें पद से हटाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत टर्नर रोड वार्ड, कारगी वार्ड, माजरा वार्ड, पटेलनगर वार्ड में नई पेयजल लाइन बिछाने के नाम पर खोदी गई सड़कों को एक साल से अधिक समय बीत जाने पर नहीं भरा गया है। इसके साथ ही अमृत योजना का काम ठेकेदारों की मर्जी पर हो रहा है, ईई एक भी दिन मौके पर नहीं आए, जहां लाइन नही बिछानी चाहिए थी, वहां नहीं बिछाई गई है, जिससे लोगों को राहत मिलने के बजाय परेशान हो रहा है, बिछाई गई लाइनों में पानी किस ट्यूबवेल से दिया जाएगा? जलनिगम के अधिकारियों को पता ही नहीं है।
इन शिकायतों पर मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसी दिन पेयजल सचिव ह्यांकी को जांच के निर्देश दिए थे। अब मामले में अधिकारी की लापरवाही सामने आने के बाद पेयजल निगम एमडी भजन सिंह ने आदेश जारी कर ईई सुमित आनंद को अमृत के काम से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। उसके स्थान पर अमृत योजना का काम अधिशाषी अभियंता जीपी सिंह देखेंगे।
कोट
जांच में अधिकारी की लापरवाही सामने आने पर ईई सुमित आनंद को अमृत के काम से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। उसके स्थान पर अमृत योजना का काम अधिशाषी अभियंता जीपी सिंह देखेंगे।
- भजन सिंह, एमडी, पेयजल निगम