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फीस तय होती तो नहीं आती टकराव की नौबत

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस निर्धारित होती तो सरकार और मेडिकल कॉलेजों के बीच टकराव की मौजूदा नौबत कभी नहीं आती। तीन साल पहले सरकार ने निजी मेडिकल कॉलेजों में शुल्क का निर्धारण करने के लिए समिति का गठन तो किया, लेकिन यह समिति आज तक शुल्क का निर्धारण नहीं कर सकी। यही कारण है कि छात्र निजी कॉलेजों की मनमानी झेलने को मजबूर हैं।
एमबीबीएस और एमडी-एमएस की पढ़ाई की फीस को लेकर सरकार और निजी मेडिकल कॉलेजों के बीच टकराव बढ़ गया है। सोमवार को समिति की ओर से निजी मेडिकल कॉलेज पर 10 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से जुर्माना लगाए जाने के बाद यह टकराव और बढ़ना तय है। सरकार ने जहां जुर्माना लगाकर सख्ती बरतने का संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मामला कोर्ट में होने के बावजूद जुर्माना लगाए जाने पर इसे कोर्ट की अवमानना करार दिया है। अब सरकार और कॉलेज की इस लड़ाई के बीच अनावश्यक रूप से छात्रों का पिसना तय है।
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प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में अधिक फीस वसूले जाने की शिकायतें लंबे समय से मिलती रही हैं। तमाम नियम-कायदों के बावजूद निजी मेडिकल कॉलेज छात्रों से फीस के नाम पर मनमानी करते रहे। इस पर अंकुश लगाने के इरादे से करीब तीन साल पहले शुल्क निर्धारण समिति का गठन किया। हालांकि तीन साल बाद भी यह समिति मेडिकल पाठ्यक्रम की फीस निर्धारित नहीं कर सकी है।

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कोर्ट का फैसला आना बाकी
शुल्क निर्धारण समिति ने भले ही निजी मेडिकल कॉलेज पर 10 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से जुर्माना लगा दिया हो लेकिन मामले में अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी है। निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तंत्र ने भी मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की बात कही है। कोर्ट का फैसला आने के बाद ही इस मामले में कुछ हो सकेगा।

इनसेट--
हर साल वसूल रहे ज्यादा फीस
सरकार के पास निजी मेडिकल कॉलेजों के हर साल ज्यादा फीस वसूलने की शिकायतें पहुंच रही है। 2016-17 के मामलों के आधार पर समिति ने यह फैसला लिया है। वहीं, इससे पहले भी इस तरह की शिकायतें मिल चुकी हैं। इस वर्ष भी अब तक अधिक फीस वसूलने की कई शिकायतें मिली है।
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इनसेट--
कब तक शपथ पत्र से लेंगे फीस
निजी मेडिकल कॉलेजों में अभी शपथ पत्र लेकर फीस ली जा रही है। इसमें कहा जाता है कि प्रवेश के समय छात्र कॉलेज की निर्धारित फीस लेंगे। इस दौरान अगर शुल्क समिति फीस का निर्धारण करती है तो उसे समायोजित कर लिया जाएगा।
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