ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
बजट की कमी के चलते जिले के करीब 10 हजार बुजुर्गों की पेंशन बीते छह महीने से अटकी है। पेंशनधारक समाज कल्याण विभाग के चक्कर काटकर थक गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं विभागीय अधिकारी जून तक बजट आने की बात कह रहे हैं। बहरहाल पेंशन के अभाव में बुजुर्गों का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।
जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से 50 हजार 935 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन दी जाती है। बीते दिनों पेंशन के मद मेेें विभाग को 63 करोड़ 45 लाख का बजट जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद जिले के करीब 10 हजार बुजुर्गों की छह महीने से पेंशन बाकी है। ऐसे में बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
कई बुजुर्ग रहे भटक
परिवार में कोई नहीं है। पेंशन के सहारे ही घर का खर्च चलता है। छह महीने से पेंशन नहीं मिली है। इसके कारण आर्थिक संकट आ गया हैै। तीन बार किराया-भाड़ा खर्च कर समाज कल्याण के दफ्तर आ चुका हूं, लेकिन यहां से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।
-कुलवंत सिंह, हरिपुर
पांच माह से पेंशन का इंतजार
करीब पांच माह से वृद्धावस्था पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन विभाग हर बार पैसा नहीं होने का हवाला देकर लौटा देता हैै।
-जमनादेवी, विकासनगर
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बजट कम आवंटित होने के कारण वृद्धाव्यस्था के दस हजार पेंशनधारक पेंशन से वंचित रह गए हैं। जून में बजट आवंटित होने के बाद ही पेंशनधारकों को लाभ मिल पाएगा।
-अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी