ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पुलिस लाइन में चयन प्रतिशेध अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) के तहत आयोजित कौशल विधि कार्यशाला में अफसरों ने लिंग परीक्षण रोकने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि हमें लड़का, लड़की वाली मानसिकता में बदलाव लाना है, इसके लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक करना होगा। डीएम ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य भ्रूण हत्या रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना है। यह तभी संभव हो सकता है जब विभिन्न स्तर पर सभी लोग अपने दायित्वों का उचित निर्वहन करेंगे। कहा कि पूरी मशीनरी होने के बावजूद लिंग परीक्षण होता है, भ्रूण हत्या हो जाती है जो अभिशाप है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने कहा कि सभी को जीने का हक है। उन्होंने कहा यदि लड़की को समान अवसर दिए जाए ंतो वह किसी भी क्षेत्र में बुलंदियों को छू सकती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज विवेक श्रीवास्तव ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला को लिंग जांच, भ्रूण हत्या के लिए प्रताड़ित किया जाता है तो पीड़ित को निशुल्क विधिक सहायता दिये जाने का प्रावधान है। यदि इस प्रकार के कोई प्रकरण सामने आते हैं तो टोल फ्री 18001804000 पर भी इसकी शिकायत की जा सकती है।
कार्यशाला में सिटी मजिस्ट्रेट मनुज गोयल, सीएमओ डा.वाईएस थपलियाल, संयुक्त निदेशक जेएस बिष्ट, जिला समन्वयक ममता बहुगुणा, डा. केके सिंह आदि मौजूद रहे।