ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट का कहना है कि सरकार को जनता नहीं, विधायकों की चिंता है। प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, वहीं सरकार विधायकों के वेतन भत्ते बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मसले पर दल जनता के सामने भाजपा और कांग्रेस की पोल खोलेगा।
बुधवार को दल के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा कि गैरसैंण राजधानी के मसले पर भाजपा और कांग्रेस ने जनता को गुमराह किया है। गैरसैंण से जनभावना जुड़ी है, पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और बेरोजगारों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं, लेकिन सरकार इनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। लोकायुक्त को लेकर भी सरकार के दावे हवाई साबित हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर कुछ बस्तियों को अवैध घोषित कर रही है, दूसरी ओर कुछ बस्तियों को नियमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मसलों को लेकर 10 अप्रैल को ऋषिकेश में केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इस मौके पर संरक्षक बीडी रतूड़ी, पंकज व्यास, सुनील ध्यानी, बहादुर सिंह रावत, लताफत हुसैन, जयदीप भट्ट, केएस रावत, संजय क्षेत्री, मानेंद्र रांगड़, सुशील ममगाईं, धर्मेंद्र कठैत, दीपक गैरोला मौजूद रहे।