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नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्कुलर पर अमल करे सरकार: जुगरान एएनएम

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने एएनएम भर्ती मामले में राज्य सरकार से इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के सर्कुलर पर अमल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर वह प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता में भाजपा नेता एवं राज्य युवा कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि एएनएम, जीएनएम एवं नर्सिंग की योग्यता निर्धारण की इंडियन नर्सिंग काउंसिल सर्वोच्च संस्था है। वे जो भी दिशा निर्देश जारी करती है सभी राज्य सरकारें उसे कानूनी रूप से मानने को बाध्य हैं। इंडियन नर्सिंग काउंसिल के 29 अप्रैल 2013 के सर्कुलर के मुताबिक एएनएम के लिए कला, विज्ञान एवं वाणिज्य तीनों वर्गों की अभ्यर्थी पात्र हैं। परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में मार्च 2016 में एएनएम के 440 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई। जिसके लिए कला, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग की अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। जून 2016 में विज्ञान वर्ग की लड़कियों प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय पहुंच गई। कोर्ट के आदेश के बाद कला वर्ग की अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। भाजपा नेता ने कहा कि नियुक्तियां इंडियन नर्सिंग काउंसिल की निर्धारित पात्रता के हिसाब से होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर वे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले।
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जिसके बाद सरकार की ओर से मामले में न्याय विभाग से परामर्श लिया गया। न्याय विभाग की ओर से भी कहा गया है कि विधायिका को यह अधिकार है कि वह किसी भी कानून व नियम को संशोधित कर सकती है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड की नियमावली जुलाई 2016 में बनी। इसमें कला व विज्ञान वर्ग दोनो को शामिल किया गया था।
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