ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन पहल की है। अस्पताल में 20 बेड वाला एक वार्ड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। मेडिसिन विभाग के डॉ. कपिल शर्मा को स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संदिग्ध मामलों की देखरेख एवं उपचार के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा विशेष गाइड लाइन जारी की गई है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय राय ने बुधवार को मीडिया से वार्ता में कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुछ और मामले भी सामने आएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में छह से आठ घंटे में स्वाइन फ्लू के सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त की जा सकती है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय राय ने कहा कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के अंतर्गत संचालित मौलीक्यूलर लैब में स्वाइन फ्लू सैंपल परीक्षण लैब संचालित है। ऐसे मरीज जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें वे अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क कर सकते हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सैंपल लेकर सैंपलों को परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा। उत्तराखंड व आसपास के राज्यों के अस्पतालों में आने वाले स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपलों को उस अस्पताल के प्रतिनिधि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबंधन से संपर्क कर सैंपल लैब तक पहुंचा सकते हैं।
सेंट्रल मोलीक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी के इंचार्ज डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड के सरकारी व प्राईवेट अस्पतालों के मरीजों के सैंपल भी परीक्षण के लिए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की स्वाइन फ्लू लैब में लाए जा सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग से हुआ है पत्राचार
सेंट्रल मोलीक्यूलर रिसर्च लैबोरेटरी के इंचार्ज डॉ नरोत्तम शर्मा ने जानकारी दी कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में सरकारी व गैर सरकारी सभी प्रकार के अस्पताल स्वाइन फ्लू जांच के लिए सैंपल भेज सकते हैं। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबंधन इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के साथ कई बार पत्राचार कर चुका है। उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में एकत्रित स्वाइन फ्लू सैंपलों को किन नियमों व शर्तों के अंतर्गत श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जा सकता है, फि लहाल यह मामला स्वास्थ्य विभाग में विचाराधीन है। पिछले साल भी उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के मद्देनजर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। यदि इस दिशा में दोनों संस्थान हाथ मिला लेते हैं तो निश्चित तौर पर स्वाइन फ्लू रोगियों को सैंपल परीक्षण में बड़ी राहत मिलेगी।