अमर/ब्यूरो उजाला, देहरादून
दिलाराम चौक स्थित वाटर वर्क्स में क्लोरीन गैस रिसाव के मामले में कार्रवाई के बजाय जल संस्थान इस पर पर्दा डालने में जुट गया है। गत 22 फरवरी को क्लोरीन गैस के सिलिंडर में रिसाव के चलते आसपास अफरातफरी मच गई थी। काफी देर तक गैस का असर हवा में बने रहने के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया था। मौके पर पहुंचे जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने मामले में कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन अब विभागीय अधिकारी इसे मामूली दुर्गंध बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
पिछले छह माह में वाटर वर्क्स में दो बार क्लोरीन का रिसाव होने के बाद भी जल संस्थान इससे सबक नहीं ले रहा है। करीब छह माह पहले पहली बार रिसाव होने से कई लोग प्रभावित हुए थे। कई को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा था। तब विभाग ने क्लोरीन गैस का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की बात कही थी। इसके बावजूद दिलाराम चौक स्थित संस्थान के वाटर वर्क्स में क्लोरीन के सिलिंडर रखे हुए थे। बीते बुधवार को इन्हीं में से एक पुराने सिलिंडर में फिर रिसाव हो गया। इससे आसपास के घरों में रहने वाले लोग बाहर निकल आए। जल संस्थान कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक में खलबली मच गई थी।
सांस लेने में परेशानी होने पर लोगों को मुंह पर रुमाल रखना पड़ा। कर्मचारियों ने सिलिंडर को नाली में डाल दिया था। सूचना पर आनन-फानन में जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक एस के गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने भी मामले का संज्ञान लिया था, लेकिन इतना सब होने के बावजूद विभाग ने मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। जल संस्थान तो मामले को मामूली बताकर दबाने की जुगत में लगा हैै। इससे पहले भी जल संस्थान के वाटर वर्क्स में क्लोरीन के रिसाव की जांच तो कराई गई, कई लोग दोषी भी पाए गए, लेकिन कार्रवाई की बजाय विभाग ने दोषियों को बचा लिया।
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अभी तक नहीं खरीदे मास्क
जल संस्थान में हुई गैस रिसाव की घटना पर जब अधिकारी संस्थान पहुंचे तो उनके पास मास्क तक नहीं थे। मौके पर सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में अधिकारियों ने मुंह पर तौलिया बांधकर अंदर जाना पड़ा था। इतनी बड़ी घटना के बाद भी विभाग ने अभी तक मास्क नहीं खरीदे हैं।
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फिलहाल जीएम से गैस रिसाव की रिपोर्ट मांगी गई है, रिपोर्ट आने पर ही साफ होगा कि रिसाव कैसे हुआ। लेकिन विभाग की नजर में यह कोई बहुत गंभीर मामला नहीं है।
एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान