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गैरसैंण राजधानी की मांग पर सड़क पर जनसैलाब

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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
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गैरसैंण राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को दून की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने गांधी पार्क से घंटाघर तक मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने गैरसैंण राजधानी बनाने के लिए प्रदेश की जनता से राज्य आंदोलन की तर्ज पर एक और आंदोलन के लिए आह्वान किया।
गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग शनिवार को गांधी पार्क में एकत्र हुए थे। गांधी पार्क से लोग मशाल जुलूस लेकर शहीद स्मारक स्थल तक पहुंचे। इस दौरान जन गीतों और राजधानी गैरसैंण निर्माण के नारों से लोगों के जहन में राज्य गठन आंदोलन की यादें ताजा हो गईं। प्रदर्शनकारी बजट सत्र में राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग कर रहे थे। वक्ताओं ने कहा कि गैरसैंण में शीतकालीन, ग्रीष्मकालीन सत्र के बाद बजट सत्र हो सकता है तो वो स्थायी राजधानी क्यों नहीं बन सकती है। मशाल जुलूस के दौरान राज्य गठन आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नेता और प्रशासनिक अधिकारी देहरादून में कुंडली मारकर बैठे हैं। सीमांत एवं पर्वतीय जिलों में शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित लोग पलायन को मजबूर हैं। जुलूस में रघुबीर बिष्ट, सचिन थपलियाल, देव सिंह रावत, रविंद्र जुगरान, पीसी थपलियाल, राम लाल खंडूरी, जगमोहन सिंह, हेमा देवराड़ी, प्रदीप कुकरेती, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मोहन रावत, अनिल पंत, बीएस रावत, जगमोहन मेहंदीरत्ता, जयदीप सकलानी, पुष्कर नेगी, पुरुषोत्तम भट्ट, अनिल रावत, विकास नेगी, विजय बौड़ाई, कैलाश जोशी, कमल रजवार, ललित जोशी, महेंद्र रावल, सूरवीर राणा, अनिल पंत, दिगमोहन नेगी, सुरेंद्र हालसी, शशि मोहन कोटनाला, अभिराज शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।
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इन संगठनों की रही जुलूस में भागीदारी
मशाल जुलूस में अलकनंदा पिंडर घाटी विकास समिति, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली विकास समिति, पर्वतीय विकास मंच, बद्री केदार विकास समिति, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच, अखिल गढ़वाल सभा, नैनीडांडा विकास समिति, उत्तराखंड रेफरी फुटबाल एसोसिएशन, उत्तराखंड जनमंच, उत्तराखंड बैंक एसोसिएशन, नव भारत संघ, अपना परिवार, कूर्मांचल विकास परिषद, गढ़ सेना, पूर्व सैनिक अर्ध सैनिक संगठन, ग्यारह गांव हिंदवाण, डांडी काणठी क्लब, धाद संस्था, मैती संस्था, उत्तराखंड नव निर्माण मंच, उफ्तारा संस्था, उत्तराखंड फुटबाल अकादमी के अलावा उत्तराखंड एकता मंच दिल्ली के पदाधिकारी भी शामिल रहे।
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