हरिद्वार। पिछले कई दिनों से जिलेभर में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है और नगर निगम अपने तय स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी की व्यवस्था नहीं कर पा रहा। नगर निगम ने शहर क्षेत्र में 38 स्थानों को अलाव जलाने के लिए चिह्नित किया हुआ है। इसमें से दस जगह ऐसी हैं जहां लकड़ियां नहीं डाली जा रही। इन क्षेत्रों में बेघर लोगों को कूड़ा जलाकर रात काटनी पड़ रही है। इतना ही नहीं कुछ स्थानों पर सामाजिक संस्थाएं अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था कर रही हैं।
करीब एक हफ्ते से शहर और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पूरी रात और आधे दिन तक कोहरा छाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में अब तक ठंड से सात लोगों की मौत हो चुकी है। रात के समय न्यूनतम तापमान सात से आठ डिग्री के बीच चला रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कतें खुले आसमान के नीचे रात काटने वालों को उठानी पड़ रही है। इसके बाद भी सिस्टम की नींद नहीं टूट रही।
सर्दियां शुरू होते ही नगर निगम ने अलाव जलाने के लिए शहर में 38 स्थान चिह्नित किए थे। जिला प्रशासन ने भी अलाव जलाने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद भी अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो रही। अलाव जलाने के लिए नगर निगम ने हरिद्वार, कनखल, ज्वालापुर क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों के साथ मंदिर, तिराहे, रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डा आदि स्थान चिह्नित किए। अब अलाव जलाने के लिए इन सभी स्थानों पर एक बार भी पर्याप्त लकड़ी नहीं डाली जा रही। रेलवे स्टेशन पर भी कबाड़ एकत्रित कर अलाव जलाया जाता है। मुख्य डाकघर के सामने सेवा समिति की ओर से लकड़ी डालकर अलाव जलाया जा रहा है। इससे आगे चंडीघाट, भीमगोडा, सूखी नदी, दूधाधारी चौक, भारत माता मंदिर के पास अलाव नहीं जल रहे। बैरागी क्षेत्र में अलाव के लिए स्थान चिन्हित ही नहीं है। कनखल में देशरक्षक तिराहे, शंकराचार्य चौक, झंडा चौक पर अलाव जल रहा है, लेकिन प्रेमनगर आश्रम मोड़ के साथ अन्य स्थानों पर अलाव की लकड़ी नहीं मिली। ज्वालापुर में रेलवे स्टेशन, पीठ बाजार अलाव जलता मिला। नगर निगम आयुक्त नितिन भदौरिया ने बताया कि नगर निगम और समितियों के सहयोग से हरिद्वार नगर निगम के साथ शिवालिकनगर क्षेत्र में अलाव जलाए जा रहे हैं, जिन स्थानों पर जरूरत है उन भी अलाव जलाने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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