ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
केंद्रीय भारतीय औषधि परिषद (सीसीआईएम) की टीम ने शनिवार को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के हर्रावाला देहरादून स्थित मुख्य परिसर सहित ऋषिकुल एवं गुरुकुल हरिद्वार स्थित परिसरों का औचक निरीक्षण किया। बीएएमएस और एमडी आयुर्वेद में शैक्षिक सत्र 2018-19 में प्रवेश को मान्यता को लेकर यह निरीक्षण किया गया।
शनिवार हर्रावाला सहित हरिद्वार स्थित परिसरों के औचक निरीक्षण के लिए पहुंची परिषद की टीम में अलग-अलग टीमों में दो-दो सदस्य शामिल थे। सीसीआईएम की टीम ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसरों में टीचरों, उपलब्ध संसाधन, भवन, हर्बल गार्डन, प्रयोगशाला आदि का निरीक्षण किया। परिसर में मरीजों के लिए व्यवस्थाओं की जानकारी ली। 52 चिकित्साधिकारियों की शैक्षणिक पदों के सापेक्ष संबद्धता के चलते फैकल्टी भी पूरी थी। बताया गया कि छात्र-छात्राओं ने औचक निरीक्षण को पहुंची टीम को शव विच्छेदन न कराए जाने एवं प्रायोगिक कक्षाओं के न चलने की जानकारी दी। बताया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को परिषद की टीम के पहुंचने की पहले से जानकारी लग गई थी। इसके लिए रात को ही सब चाक चौबंद व्यवस्था कर ली गई थी। कुछ मरीजों को जबरदस्ती परिसर में रोका गया था, वही स्टाफ की छुट्टियां निरस्त कर दी गई थी।
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सीसीआईएम की टीम ने तीनों परिसरों का औचक निरीक्षण किया, विश्वविद्यालय प्रशासन को उनके शनिवार के निरीक्षण की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। यह कहना गलत है कि निरीक्षण की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्टाफ की छुट्टियां निरस्त की थी।
- अनूप गक्खड, कुलसचिव आयुर्वेद विश्वविद्यालय