श्रीनगर। नवनिर्मित श्रीनगर-चौरास मोटर पुल से चौरास लिंक मोटर मार्ग निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शासन में लोनिवि, वित्त व सिंचाई विभाग के साथ हुई बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दो किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 41 लाख रुपये के आगणन को मंजूर कर लिया है। जल्द सड़क की वित्तीय स्वीकृति का शासनादेश जारी होने की उम्मीद है।
लगभग डेढ़ दशक की इंतजारी के बाद चौरास मोटर पुल बनकर तैयार हो गया है, लेकिन टिहरी जिले की सीमा में सड़क निर्माण न होने से इस पर यातायात शुरू नहीं हो पाया। पूर्व में एक जनवरी को पुल के लोकार्पण की तिथि तय थी। जिस पर चौरासवासियों ने आपत्ति भी जताई थी। विधायक कंडारी ने बताया कि विवि परिसर के नीचे से डंगवाल गदेरे होते हुए दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है। इस संबंध में 29 दिसंबर को भी शासन में बैठक हुई थी। इस्टीमेट ज्यादा होने की वजह से इसकी वित्तीय मंजूरी में दिक्कत आ रही थी। इसी वजह से 4 जनवरी को मुख्य सचिव उत्पल कुमार के साथ सिंचाई, लोनिवि और वित्त विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें सड़क की जरूरत और स्थलीय भौगोलिक विषमता को देखते हुए लोनिवि के इस्टीमेट को पास करने का निर्णय लिया गया।
सड़क निर्माण में हो रहा ज्यादा खर्च
श्रीनगर। चौरास मोटर पुल से अलकनंदा नदी किनारे और बरसाती गदेरे के किनारे से चौरास लिंक मोटर मार्ग का निर्माण होना है। शासन ने काफी समय पूर्व सड़क स्वीकृत कर दी थी। स्वीकृति के बाद लोनिवि अस्थायी खंड कीर्तिनगर ने 9.41 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी थी। सामान्य सड़क के मुकाबले ज्यादा खर्च आने और बाढ़ आदि की स्थिति को देखते हुए शासन में लंबे समय से डीपीआर लंबित पड़ी हुई थी। स्थानीय लोगों के आंदोलन और विधायक विनोद कंडारी की पहल पर शासन ने अब इसमें तेजी दिखाई। लोनिवि अस्थायी खंड के अधिशासी अभियंता जगमोहन चौहान ने बताया कि सड़क निर्माण में फ्लड प्रोटेक्शन वर्क भी किया जाना है। इसलिए इसमें ज्यादा खर्च आ रहा है।